UPI से पेमेंट करने पर कमाई| BHIM-UPI इंसेंटिव योजना

BHIM-UPI इंसेंटिव योजना
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अब UPI से पेमेंट करना सिर्फ सुविधा जनक नहीं बल्कि कमाई का जरिया भी बन गया है। सरकार ने एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत छोटे दुकानदारों को हर UPI पेमेंट पर प्रोत्साहन राशि मिलेगा। इस योजना को लागू करने का मकसद डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है ताकि गांव और छोटे शहरों तक भी इसका फायदा पहुंच सके।

क्या है BHIM-UPI इंसेंटिव योजना

सरकार ने BHIM-UPI लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत छोटे दुकानदारों यानी मर्चेंट को हर UPI पेमेंट पर कुछ पैसे इंसेंटिव के रूप में मिलेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया है। सरकार इस योजना पर करीब 1500 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह योजना पूरे 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी।

सरकार का मानना है कि यह योजना डिजिटल पेमेंट को और मजबूत बनाएगी और दुकानदारों को नकदी की जगह ऑनलाइन लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करेगी।

किसे और कैसे मिलेगा इंसेंटिव?

यह योजना खासकर छोटे दुकानदारों के लिए बनाई गई है। जब कोई ग्राहक किसी मर्चेंट से सामान खरीदता है और BHIM-UPI से ₹2000 तक का पेमेंट करता है, तो उस मर्चेंट को हर ट्रांजैक्शन पर 0.15% तक का इंसेंटिव मिलेगा।

उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक ₹1000 का पेमेंट करता है तो दुकानदार को ₹1.5 का इंसेंटिव मिलेगा। ये पैसे सीधे बैंक खाते में आएंगे।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दुकानदार को किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। पेमेंट सीधे बैंक खाते में आएगा और कोई मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगेगा।

बैंकों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना में सिर्फ दुकानदारों को ही नहीं, बैंकों को भी इंसेंटिव मिलेगा। जब ग्राहक किसी दुकान पर UPI से पेमेंट करता है, तो बैंक उस ट्रांजैक्शन को प्रोसेस करता है।

सरकार बैंकों को हर ट्रांजैक्शन पर 80% राशि तुरंत देगी। बाकी 20% राशि तब दी जाएगी जब बैंक की तकनीकी सेवाएं सही रहेंगी — जैसे कि सिस्टम अपटाइम 99.5% से ज्यादा हो, और सर्वर की खराबी 0.75% से कम हो

इससे बैंकों को भी अपनी सेवाएं सुधारने का प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे पूरा डिजिटल पेमेंट सिस्टम और मज़बूत होगा।

सरकार इस योजना के जरिए पूरे देश में डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना चाहती है। खासकर छोटे शहरों, गांवों और कस्बों में जहां अभी भी लोग नकद लेन-देन पर ज्यादा निर्भर हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि वित्त वर्ष 2024-25 में BHIM-UPI से ₹20,000 करोड़ तक का लेनदेन किया जाए। इससे न सिर्फ व्यापारी वर्ग को फायदा होगा, बल्कि डिजिटल इंडिया का सपना भी साकार होगा।

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