राजस्थान के कृषि विपणन निदेशालय द्वारा शुरू की गई ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों को डिजिटल लेनदेन (e-payment) और ई-ट्रेडिंग (e-NAM प्लेटफॉर्म) के लिए प्रेरित करना है। इस योजना के जरिए किसानों को उनकी उपज का सही और पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जाता है, साथ ही डिजिटल सिस्टम को बढ़ावा दिया जाता है।
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान क्या है ?
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान सरकार की एक पहल है, जिसे कृषि विपणन निदेशालय द्वारा 2018 में शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य किसानों और व्यापारियों को e-NAM प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल लेनदेन के लिए प्रोत्साहित करना है।
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान के तहत किसानों को मंडी शुल्क का 25% वापस मिलता है, जबकि व्यापारियों को ई-भुगतान पर लगे बैंक शुल्क का 100% रिफंड दिया जाता है। साथ ही, राज्य, खंड और मंडी स्तर पर नकद पुरस्कार का भी प्रावधान है, जिससे डिजिटल कृषि विपणन को बढ़ावा मिलता है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का पारदर्शी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। साथ ही डिजिटल माध्यम से लेनदेन को बढ़ावा देकर कृषि विपणन प्रणाली को आधुनिक बनाना भी इसका लक्ष्य है।
| योजना का नाम | ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान |
| विभाग | कृषि विपणन निदेशालय, राजस्थान |
| योजना प्रारंभ | 21 फरवरी 2018 |
| उद्देश्य | किसानों को ई-ट्रेडिंग और ई-भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना |
| लाभार्थी | किसान और व्यापारी |
| किसानों के लिए लाभ | मंडी शुल्क का 25% वापस |
| व्यापारियों के लिए लाभ | बैंक/एजेंसी शुल्क का 100% रिफंड |
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान के तहत मिलने वाले लाभ
- किसानों को ई-नाम प्लेटफॉर्म पर बिक्री के बाद ई-भुगतान का लाभ
- मंडी शुल्क का 25% हिस्सा किसानों को वापस दिया जाता है
- व्यापारियों को डिजिटल भुगतान पर लगे बैंक/एजेंसी शुल्क का 100% रिफंड
- राज्य, खंड और मंडी स्तर पर नकद पुरस्कार की सुविधा
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना के लिए पात्रता
राजस्थान ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए किसानों और व्यापारियों दोनों के लिए कुछ सरल शर्तें तय की गई हैं। किसानों को अपनी उपज e-NAM प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचनी होती है और ई-ऑक्शन के बाद भुगतान भी डिजिटल तरीके से प्राप्त करना जरूरी होता है।
वहीं व्यापारियों के लिए जरूरी है कि वे इसी प्लेटफॉर्म के जरिए ई-ऑक्शन करें, बिक्री पर्ची जारी करें और अपने कुल लेनदेन का कम से कम 25% भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें। इसके साथ ही मंडी और राज्य स्तर पर भी उन्हीं को पात्र माना जाएगा, जहां कुल व्यापार का कम से कम 25% हिस्सा ई-ऑक्शन और ई-भुगतान के जरिए किया गया हो। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनती है और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलता है।
राजस्थान ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना के आवश्यक दस्तावेज
राजस्थान ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए किसानों और व्यापारियों को कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होते हैं।
किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड
- बैंक खाता पासबुक (DBT सक्षम)
- भूमि संबंधित दस्तावेज (खसरा/जमाबंदी)
- e-NAM पंजीकरण विवरण
- ई-ऑक्शन बिक्री पर्ची (e-trading receipt)
- ई-भुगतान का प्रमाण (payment receipt)
व्यापारियों के लिए आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- बैंक खाता विवरण
- मंडी लाइसेंस (अनुज्ञा पत्र)
- e-NAM पंजीकरण
- ई-ऑक्शन व बिक्री पर्ची रिकॉर्ड
- ई-भुगतान का प्रमाण
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना में आवेदन कैसे करें
ई-भुगतान प्रोत्साहन योजना राजस्थान में अलग से कोई आवेदन करने की जरूरत नहीं होती। किसान और व्यापारी सिर्फ e-NAM प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करके अपनी उपज का ई-ऑक्शन और ई-भुगतान करते हैं, तो वे अपने आप इस योजना के लिए पात्र हो जाते हैं। इसके बाद मंडी समिति रिकॉर्ड के आधार पर किसानों को मंडी शुल्क का 25% हिस्सा और व्यापारियों को भुगतान शुल्क का रिफंड सीधे उनके खाते में दे देती है।
