मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार के लाखों बुज़ुर्गों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार में बड़ा फैसला लेते हुए पेंशन राशि को ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 कर दिया है। यह बदलाव सीधे तौर पर उन लोगों की जिंदगी में बदलाव लाएगा, जो अपने बुढ़ापे में किसी के सहारे की उम्मीद कर रहे थे।
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मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार 2025
बुढ़ापे में जब आमदनी का कोई साधन नहीं बचता और शरीर भी साथ नहीं देता, तब सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है आर्थिक सहारे की। मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार इसी जरूरत को समझते हुए बनाई गई थी। अब तक इस योजना में बुज़ुर्गों को सिर्फ ₹400 मिलते थे, जिससे दैनिक ज़रूरतें पूरी नहीं हो पाती थीं। लेकिन अब सरकार ने इस राशि को बढ़ाकर ₹1100 कर दिया है, जिससे बुज़ुर्गों को राहत और सम्मान दोनों मिल सके।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
- मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना बिहार के उन नागरिकों के लिए है, जिनकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है और जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं।
- योजना का मकसद उन बुज़ुर्गों तक सहायता पहुंचाना है, जिनके पास कोई पेंशन या आमदनी का जरिया नहीं है।
- अगर कोई व्यक्ति पहले से किसी सरकारी या अन्य योजना से पेंशन ले रहा है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले पाएगा।
- इस स्कीम का फायदा सिर्फ उन्हीं को मिलेगा जो वाकई ज़रूरतमंद हैं।
आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ चाहिए?
- आधार कार्ड
- बिहार निवास प्रमाण पत्र
- आयु प्रमाण (जैसे जन्म प्रमाण पत्र)
- बैंक पासबुक की कॉपी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ न लेने का शपथ पत्र
मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना में पात्रता क्या है?
इस योजना का लाभ वही बुजुर्ग ले सकते हैं जो:
- 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हों,
- बिहार के स्थायी निवासी हों,
- किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना से लाभ नहीं ले रहे हों,
- BPL या SECC डाटा में दर्ज गरीब वर्ग से हों।
ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया
अगर आप या आपके परिवार में कोई इस योजना के लिए पात्र है, तो आप घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
- इसके लिए बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट sspmis.bihar.gov.in पर जाना होगा।
- वेबसाइट पर “Register for MVPY” का विकल्प मिलेगा, जहां से आप आवेदन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।
- आवेदन फॉर्म में मांगी गई सारी जानकारियां सही-सही भरनी होंगी, जिसमें वोटर आईडी, आधार कार्ड और अन्य विवरण शामिल होते हैं।
- एक बार आधार वेरिफिकेशन हो जाने के बाद, आपका फॉर्म सबमिट हो जाएगा और एक रिसीविंग रसीद मिल जाएगी।
अगर आपके पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो भी चिंता की कोई बात नहीं है। आप अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या प्रखंड कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहां मौजूद कर्मचारी आपको फॉर्म भरने और दस्तावेज़ जमा करने में मदद करेंगे। ऑफलाइन आवेदन भी उतना ही मान्य होगा, जितना कि ऑनलाइन।
कैसे पता करें कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं?
बहुत से लोग आवेदन करने के बाद यह जानना चाहते हैं कि उनका नाम लाभार्थी सूची में आया है या नहीं। इसके लिए बिहार सरकार की उसी वेबसाइट पर “Beneficiary Status” का विकल्प मौजूद है। वहां से आप अपना जिला और ब्लॉक चुनकर, जरूरी जानकारी भरकर पता लगा सकते हैं कि आपकी पेंशन स्वीकृत हुई है या नहीं।
सरकार ने यह तय किया है कि अब हर पात्र लाभार्थी को ₹1100 की राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। यह पैसा DBT यानी Direct Benefit Transfer के जरिए आएगा, जिससे किसी तरह की बिचौलिया व्यवस्था या धोखाधड़ी की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी। हर महीने एक तय तारीख पर यह राशि बैंक खाते में पहुंचा दी जाएगी और लाभार्थी को किसी दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।