राजस्थान सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की समय सीमा बढ़ा दी है। अब राज्य के पात्र ऋणी किसान 30 सितंबर 2025 तक इस योजना का लाभ ले सकेंगे। पहले मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना राजस्थान की अंतिम तिथि 30 जून थी।
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना राजस्थान 2025-26
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना का मुख्य उद्देश्य उन किसानों को राहत देना है जिन्होंने भूमि विकास बैंकों से ऋण लिया था, लेकिन समय पर भुगतान नहीं कर पाए। कई किसान आर्थिक तंगी, फसल नुकसान या अन्य कारणों से कर्ज नहीं चुका पाए और उनका खाता अवधिपार (Overdue) हो गया। ऐसे किसानों को दोबारा मुख्यधारा में लाने के लिए राज्य सरकार ने यह योजना लागू की है।
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना राजस्थान के तहत राज्य सरकार उन किसानों के अवधिपार ब्याज, दंडनीय ब्याज, और वसूली खर्च को माफ कर रही है। किसानों को केवल मूलधन और बीमा प्रीमियम की राशि चुकानी होगी। इससे उन्हें भारी आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी गिरवी रखी भूमि को मुक्त कराने का रास्ता साफ होगा।
अब तक कितने किसानों को हुआ लाभ?
- राज्य सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अब तक 30,007 पात्र ऋणियों में से 7,500 से अधिक किसानों को ₹130 करोड़ की ब्याज राहत दी जा चुकी है।
- यह राशि सरकार ने स्वयं वहन की है। इससे ये किसान आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं और भविष्य में दोबारा ऋण लेने के लिए पात्र हो गए हैं।
- सहकारी भूमि विकास बैंक अब दीर्घकालीन कृषि और गैर-कृषि निवेश ऋण भी वितरित करेंगे।
- इसके लिए प्रदेश के 36 प्राथमिक बैंकों को लक्ष्य दिया गया है। साथ ही राज्य सरकार की 5% ब्याज अनुदान योजना का लाभ भी इन किसानों को मिलेगा।
मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना राजस्थान की समय सीमा क्यों बढ़ाई गई?
30 जून को मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत योजना राजस्थान की आखिरी तारीख थी, और उस दिन प्रदेश के सहकारी भूमि विकास बैंकों में भारी भीड़ देखने को मिली। हजारों किसान अपने ऋण खातों का निपटारा करवाने के लिए देर रात तक लाइन में लगे रहे। इसके बावजूद बहुत से ऋणी योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए। इन्हीं किसानों की मांग पर राज्य सरकार ने अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 सितंबर 2025 कर दिया है।
