देश के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना लाखों लोगों के लिए वरदान साबित हुई है। राजस्थान में भी इस योजना के तहत बड़ी संख्या में छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें और आत्मनिर्भर बन सकें।
हाल ही में राजस्थान सरकार की समीक्षा बैठक में बताया गया कि योजना के तहत हजारों आवेदनों को स्वीकृति दी जा चुकी है और बड़ी संख्या में लाभार्थियों को ऋण वितरण भी किया गया है। ऐसे में यदि आप भी रेहड़ी, ठेला या छोटे व्यापार से जुड़े हैं, तो यह योजना आपके लिए बेहद लाभदायक हो सकती है।
पीएम स्वनिधि योजना क्या 2026 है?
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2020 में की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य कोरोना महामारी से प्रभावित रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं और छोटे स्वरोजगार करने वाले लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को बिना किसी गारंटी के कार्यशील पूंजी ऋण दिया जाता है, जिससे वे अपना व्यवसाय शुरू या विस्तारित कर सकें। समय पर ऋण चुकाने पर लाभार्थियों को ब्याज सब्सिडी और डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलता है।
पीएम स्वनिधि योजना राजस्थान का उद्देश्य
राजस्थान में इस योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें सस्ते ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के माध्यम से ऐसे लोगों को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा जा रहा है जो पहले औपचारिक वित्तीय सेवाओं से दूर थे।
इसके अलावा सरकार डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों को आधुनिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने का प्रयास भी कर रही है।
पीएम स्वनिधि योजना राजस्थान के तहत कितना लोन मिलता है?
पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण प्रदान किया जाता है।
- पहला चरण-पहली बार आवेदन करने पर ₹10,000 तक का ऋण दिया जाता है।
- दूसरा चरण-पहले ऋण का समय पर भुगतान करने पर ₹20,000 तक का ऋण मिल सकता है।
- तीसरा चरण-दूसरे ऋण का सफलतापूर्वक भुगतान करने पर ₹50,000 तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है।
पीएम स्वनिधि योजना के लाभ
- सबसे बड़ा लाभ यह है कि ऋण लेने के लिए किसी प्रकार की गारंटी या जमानत की आवश्यकता नहीं होती। इसके अलावा समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है।
- डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कैशबैक सुविधा भी प्रदान करती है। इससे छोटे व्यापारी डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।
कौन ले सकता है पीएम स्वनिधि योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से निम्न वर्गों को दिया जाता है:
- रेहड़ी-पटरी विक्रेता
- ठेला संचालक
- फेरीवाले
- सड़क किनारे सामान बेचने वाले व्यापारी
- फल एवं सब्जी विक्रेता
- चाय, नाश्ता और खाद्य सामग्री विक्रेता
- छोटे स्वरोजगार से जुड़े नागरिक
पीएम स्वनिधि योजना की पात्रता क्या है?
- आवेदक स्ट्रीट वेंडर या छोटे स्वरोजगार से जुड़ा होना चाहिए।
- स्थानीय निकाय या नगर निकाय क्षेत्र में व्यापार करता हो।
- आधार कार्ड और बैंक खाता होना चाहिए।
- मोबाइल नंबर आधार से लिंक होना चाहिए।
आवश्यक दस्तावेज
पीएम स्वनिधि योजना में आवेदन के लिए सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है:
- आधार कार्ड
- जन आधार कार्ड (राजस्थान में)
- बैंक पासबुक
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
- विक्रेता पहचान पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- नगर निकाय द्वारा जारी प्रमाण पत्र
आवेदन प्रक्रिया
योजना में आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकता है।
सबसे पहले आवेदक को नजदीकी नगर निकाय, ई-मित्र केंद्र या बैंक शाखा में संपर्क करना होगा। इसके बाद आवेदन पत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। पात्रता जांच के बाद बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत किया जाता है और राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।
राजस्थान में योजना की प्रगति
राजस्थान में पीएम स्वनिधि योजना के तहत हजारों लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। हाल ही में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि 27 जनवरी 2026 के बाद से हजारों नए आवेदन प्राप्त हुए हैं और बड़ी संख्या में लाभार्थियों को ऋण वितरण भी किया गया है। राज्य सरकार लगातार लंबित आवेदनों के निस्तारण और अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।
यह योजना छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए आर्थिक सहायता का एक मजबूत माध्यम बनकर उभरी है। बिना गारंटी ऋण, ब्याज सब्सिडी और डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन जैसी सुविधाएं इसे अन्य योजनाओं से अलग बनाती हैं। इससे लाखों लोगों को रोजगार बनाए रखने और आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
