कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना राजस्थान : राजस्थान सरकार ने किसानों और कृषक उद्यमियों के लिए एक शानदार योजना शुरू की है, जिसके तहत कोल्ड स्टोरेज बनाने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी फसल को सुरक्षित रखने में मदद करना है, जिससे वे फसल का सही मूल्य प्राप्त कर सकें और नुकसान से बच सकें।
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राजस्थान कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना | Rajasthan Cold Storage Subsidy Yojana
राजस्थान सरकार की कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना के तहत, किसानों को कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी। यह मदद राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत दी जा रही है। कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 250 मेट्रिक टन से 5000 मेट्रिक टन तक होनी चाहिए।
सरकार हर मेट्रिक टन के लिए 8,000 रुपये की लागत के आधार पर यह सहायता देती है। अगर कोल्ड स्टोरेज की क्षमता 5000 मेट्रिक टन तक है, तो सरकार कुल लागत का 35 प्रतिशत या 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक की मदद करेगी।
योजना का नाम | कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना राजस्थान |
अधिकतम सब्सिडी | 1 करोड़ 40 लाख रुपये |
कोल्ड स्टोरेज की न्यूनतम क्षमता | 250 मेट्रिक टन |
कोल्ड स्टोरेज की अधिकतम क्षमता | 5000 मेट्रिक टन |
प्रति मेट्रिक टन लागत | 8,000 रुपये |
अनुदान का प्रतिशत | 35% |
अनुदान का अधिकतम लाभ | 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक |
कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना राजस्थान का उद्देश्य
कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को कोल्ड स्टोरेज की सुविधा देकर उनकी फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है। इससे किसानों को तब फसल बेचने का मौका मिलेगा जब उन्हें सही दाम मिले, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सकती है।
राजीव गांधी किसान साथी योजना राजस्थान
कोल्ड स्टोरेज सब्सिडी योजना राजस्थान अनुदान
- योजना के तहत अनुदान:
- अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
- यह अनुदान राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन के तहत दिया जा रहा है।
- कोल्ड स्टोरेज की क्षमता:
- 250 मेट्रिक टन से 5000 मेट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज पर यह अनुदान मिलेगा।
- प्रति मेट्रिक टन की 8,000 रुपये की लागत के आधार पर अनुदान तय होगा।
- 5000 मेट्रिक टन की क्षमता पर इकाई लागत का 35% या अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रुपये अनुदान स्वरूप दिए जाएंगे।
आवेदन कैसे करें?
- जो किसान या कृषक उद्यमी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, वे 4 अक्टूबर तक अपने जिले के उद्यानिकी विभाग कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।