राजस्थान सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ट्रांसफॉर्मर चोरी से जुड़ी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को ट्रांसफॉर्मर चोरी होने पर एफआईआर दर्ज होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बिजली वितरण निगमों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराएं, जिससे सिंचाई कार्य में कोई रुकावट न आए।
ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर की पहल पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। आदेश के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर चोरी की स्थिति में सहायक अभियंता संबंधित थाने को पत्र भेजकर एफआईआर के लिए प्रक्रिया शुरू करेगा। साथ ही उसी दिन ईमेल के माध्यम से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सतर्कता) को भी इसकी सूचना भेजी जाएगी।
बफर स्टॉक से मिलेगा तुरंत ट्रांसफॉर्मर
राज्य सरकार के निर्देशानुसार, एफआईआर दर्ज होने से पहले ही किसानों को बफर स्टॉक से नया ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराया जाएगा। इस प्रक्रिया में एफआईआर का इंतजार नहीं किया जाएगा। ट्रांसफॉर्मर आवंटन की सूचना संबंधित अधीक्षण अभियंता कार्यालय को भेजी जाएगी, जिससे बिजली सप्लाई जल्दी बहाल हो सके।
15 दिन के भीतर दर्ज होनी होगी एफआईआर
ऊर्जा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रांसफॉर्मर देने के बाद 15 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करवाना अनिवार्य होगा। यदि इस समयावधि में एफआईआर नंबर नहीं मिलता है, तो सहायक अभियंता ऐसे मामलों की सूची बनाकर अधीक्षण अभियंता को सौंपेगा। इसके बाद संबंधित जिला पुलिस अधीक्षक से समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि हाल ही में जिलों के दौरों के दौरान किसानों ने ट्रांसफॉर्मर चोरी की समस्या प्रमुख रूप से उठाई थी। किसानों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे फसलें सूखने लगती थीं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। अब इस निर्णय से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और समय पर बिजली मिल सकेगी।
