राजस्थान विधवा पेंशन योजना | मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना

राजस्थान विधवा पेंशन योजना (मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना) एक महत्वपूर्ण सामाजिक कल्याण योजना है, जिसे राजस्थान सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। यह योजना विधवा, तलाकशुदा तथा परित्यक्ता (एकला नारी) महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित यह योजना राजस्थान सामाजिक सुरक्षा पेंशन (RajSSP) के अंतर्गत आती है। इसमें केंद्र की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना (IGNWPS) का भी समावेश होता है।

राजस्थान विधवा पेंशन योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य की उन महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है जो अपने पति की मृत्यु, तलाक या परित्याग के कारण आर्थिक रूप से कमजोर हो गई हैं। मासिक पेंशन से वे भोजन, कपड़े, स्वास्थ्य देखभाल और घरेलू खर्चों को आसानी से संभाल सकें। यह योजना महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ाती है और सामाजिक गरिमा बनाए रखने में मदद करती है, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पुनर्विवाह या रोजगार के अवसर सीमित होते हैं।

राजस्थान विधवा पेंशन योजना की पात्रता मानदंड

योजना के लाभ के लिए निम्नलिखित मुख्य योग्यताएं हैं (2025-2026 के अनुसार नवीनतम जानकारी के आधार पर):

  • आवेदक महिला राजस्थान की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता या निराश्रित एकल नारी (Ekal Nari) होना चाहिए।
  • आयु सामान्यतः 18 वर्ष से अधिक (राज्य योजना के लिए), जबकि केंद्र की IGNWPS में 40 वर्ष से शुरू होकर 75 वर्ष तक लाभ बढ़ सकता है।
  • परिवार की वार्षिक आय सीमित हो (आमतौर पर ₹48,000 या राज्य निर्धारित सीमा के अनुसार) या BPL परिवार से संबंधित हो।
  • कोई अन्य सरकारी पेंशन न मिल रही हो।
  • कुछ विशेष श्रेणियों (जैसे सहारिया, कथौड़ी आदि) में छूट या विशेष प्रावधान हो सकते हैं।

राजस्थान विधवा पेंशन योजना लाभ एवं पेंशन राशि

पात्र लाभार्थियों को मासिक पेंशन सीधे बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है। राशि इस प्रकार है:

  • मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के अंतर्गत: सामान्यतः ₹1,000 से ₹1,500 प्रति माह (आयु और श्रेणी के आधार पर)।
  • केंद्र की IGNWPS के तहत: 40-74 वर्ष की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह, जबकि 75 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को ₹1,500 तक (राज्य द्वारा टॉप-अप संभव)।
  • कुछ स्रोतों के अनुसार, हाल के बजट में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में वृद्धि हुई है, जहां एकल नारी/विधवाओं को ₹1,250 प्रति माह तक मिल सकती है।

यह राशि समय-समय पर संशोधित हो सकती है, इसलिए नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल देखें।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन मुख्य रूप से ऑनलाइन RajSSP पोर्टल के माध्यम से होता है:

  • आधिकारिक वेबसाइट ssp.rajasthan.gov.in पर जाएं।
  • SSO पोर्टल या RajSSP पर रजिस्ट्रेशन करें (आधार, भामाशाह या अन्य विवरण से)।
  • विधवा पेंशन या मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना का फॉर्म भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
  • आवेदन जमा करें और रेफरेंस नंबर नोट करें।
  • ऑफलाइन आवेदन ई-मित्र केंद्र, सामाजिक कल्याण कार्यालय या स्थानीय केंद्र में भी किया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

  • आधार कार्ड
  • राजस्थान निवास प्रमाण
  • पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (विधवाओं के लिए) या तलाक प्रमाण पत्र
  • आयु प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र या BPL राशन कार्ड
  • बैंक खाता विवरण
  • पासपोर्ट साइज फोटो

स्टेटस कैसे चेक करें?

  • ssp.rajasthan.gov.in पर जाएं।
  • आवेदन संख्या, आधार या PPO नंबर से स्टेटस चेक करें।
  • लाभार्थी सूची (Suchi) भी ऑनलाइन उपलब्ध है।

यह योजना राजस्थान में लाखों महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई है। यह गरीबी कम करती है, बच्चों की शिक्षा में सहायता करती है और महिलाओं को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देती है। DBT से पारदर्शिता बनी रहती है और पेंशन समय पर पहुंचती है।

नवीनतम एवं सटीक जानकारी के लिए ssp.rajasthan.gov.in या निकटतम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय से संपर्क करें। यदि आप या आपके आसपास कोई पात्र महिला है, तो जल्द आवेदन करें – यह योजना वास्तव में जीवन बदल सकती है! राजस्थान सरकार की यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है।

About Suman

मैं पिछले 5 साल से ब्लॉग लिख रही हूँ। मेरा मकसद है सरकारी योजनाओं और नौकरियों की जानकारी को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना, ताकि सभी को सही जानकारी मिल सके।

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