राजस्थान के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने तारबंदी योजना (Fencing Scheme) में बड़ा बदलाव करते हुए छोटे और सीमांत किसानों को सीधे फायदा पहुंचाने का फैसला लिया है। अब इस योजना का लाभ लेने के लिए पहले जैसी 1.5 हेक्टेयर जमीन की जरूरत नहीं है, बल्कि सिर्फ 0.5 हेक्टेयर जमीन वाले किसान भी आवेदन कर सकते हैं।
सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसलों को नीलगाय और आवारा पशुओं से बचाना है, जिससे किसानों का नुकसान कम हो और उनकी आय बढ़ सके। यह योजना खासतौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिनकी फसल हर साल पशुओं की वजह से खराब हो जाती है।
तारबंदी योजना 2026 में क्या बड़ा बदलाव हुआ है
पहले राजस्थान तारबंदी योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम 1.5 हेक्टेयर जमीन होना जरूरी था, जिसके कारण छोटे किसान इस योजना से बाहर रह जाते थे। लेकिन अब सरकार ने इस शर्त को घटाकर 0.5 हेक्टेयर कर दिया है।
इस फैसले से राज्य के हजारों छोटे और गरीब किसानों के लिए योजना का रास्ता खुल गया है। अब वे भी अपनी फसल की सुरक्षा के लिए तारबंदी करवा सकेंगे और सरकारी सब्सिडी का लाभ उठा पाएंगे।
0.5 हेक्टेयर से कम जमीन वाले किसान क्या करें
अगर किसी किसान के पास 0.5 हेक्टेयर से कम जमीन है, तब भी वह इस योजना से वंचित नहीं रहेगा। ऐसे किसान अपने पड़ोसियों के साथ मिलकर ग्रुप में आवेदन कर सकते हैं।
अगर 2 या उससे ज्यादा किसान मिलकर कुल 0.5 हेक्टेयर या उससे अधिक जमीन पर तारबंदी करते हैं, तो उन्हें भी योजना के तहत सब्सिडी मिलेगी। इससे छोटे किसानों के लिए भी यह योजना और ज्यादा उपयोगी बन गई है।
राजस्थान तारबंदी योजना के तहत कितनी मिलेगी सब्सिडी
राजस्थान तारबंदी योजना में किसानों को उनकी श्रेणी के अनुसार अलग-अलग सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में सरकार सीधे लागत का एक बड़ा हिस्सा वहन करती है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो जाता है।
सामान्य किसानों को लगभग 50% या ₹100 प्रति मीटर तक की सहायता मिलती है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹40,000 तक है। वहीं लघु और सीमांत किसानों को 60% या ₹120 प्रति मीटर तक अनुदान मिलता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹48,000 तक तय की गई है।
सबसे ज्यादा फायदा उन किसानों को मिलता है जो समूह में आवेदन करते हैं। ऐसे समूहों को 70% या ₹140 प्रति मीटर तक सब्सिडी मिल सकती है, और प्रति किसान अधिकतम ₹56,000 तक सहायता दी जाती है। योजना के तहत अधिकतम 400 मीटर तक तारबंदी पर लाभ दिया जाता है।
राजस्थान तारबंदी योजना के लिए पात्रता क्या है ?
राजस्थान तारबंदी योजना का लाभ लेने के लिए किसान का राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। इसके साथ ही उसके पास कम से कम 0.5 हेक्टेयर कृषि भूमि होनी चाहिए।
अगर किसी किसान के पास कम जमीन है, तो वह समूह में आवेदन करके भी योजना का लाभ ले सकता है। ध्यान रहे कि जमीन किसान के नाम पर होना जरूरी है, किराए की जमीन पर इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
तारबंदी योजना राजस्थान के आवेदन कैसे करें ?
तारबंदी योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। किसान को सबसे पहले राज किसान साथी पोर्टल पर जाकर आवेदन करना होगा।
आवेदन के बाद प्रशासनिक स्वीकृति का इंतजार करना होता है। स्वीकृति मिलने के बाद किसान अपने खेत में तारबंदी का काम पूरा करता है और फिर संबंधित बिल जमा करता है। इसके बाद अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाता है और सब्सिडी की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें जमाबंदी, खेत का नक्शा, जन आधार कार्ड, आधार कार्ड और लघु/सीमांत किसान प्रमाण पत्र शामिल हैं।
इन दस्तावेजों के बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं मानी जाएगी, इसलिए पहले से सभी कागजात तैयार रखना जरूरी है।
किसानों के लिए यह योजना क्यों है खास
तारबंदी योजना छोटे किसानों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। इससे फसलों को आवारा पशुओं से बचाया जा सकता है, जिससे नुकसान कम होगा और मुनाफा बढ़ेगा।
कम जमीन वाले किसान भी अब इस योजना का फायदा उठा सकते हैं, जो पहले संभव नहीं था। इसके अलावा समूह में आवेदन करके किसान ज्यादा सब्सिडी का लाभ भी ले सकते हैं।
