अगर आप बिहार के निवासी हैं और दिव्यांग हैं, तो आपके लिए सरकार एक बेहतरीन अवसर लेकर आई है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी, जिसमें 5 लाख रुपये तक की राशि अनुदान (माफ) की जाएगी।
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यह योजना दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना क्या है
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना बिहार सरकार की एक विशेष योजना है, जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत सरकार उद्योग या व्यवसाय स्थापित करने के लिए लोन और अनुदान दोनों प्रदान करती है।
सरकार चाहती है कि दिव्यांगजन नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपना खुद का व्यवसाय शुरू करें और आर्थिक रूप से मजबूत बनें।
योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य दिव्यांग लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। इसके अलावा सरकार राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करना चाहती है।
- दिव्यांग व्यक्तियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना
- स्वरोजगार को बढ़ावा देना
- दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना
- राज्य में छोटे उद्योग और स्टार्टअप को बढ़ावा देना
योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के तहत लाभार्थियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसमें लोन और अनुदान दोनों शामिल होते हैं।
- अधिकतम सहायता राशि: 10 लाख रुपये
- अनुदान (माफ राशि): 5 लाख रुपये तक
- शेष राशि: लोन के रूप में
- व्यवसाय शुरू करने से पहले प्रशिक्षण भी दिया जाएगा
कितने लोगों को मिलेगा योजना का लाभ
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए सरकार ने इस योजना के तहत 100 दिव्यांग लाभार्थियों का चयन करने का लक्ष्य रखा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद योग्य आवेदकों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के लिए पात्रता
इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदकों को कुछ पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा:
- आवेदक बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए
- आवेदक दिव्यांग (Disabled) होना चाहिए
- आवेदक के पास दिव्यांगता प्रमाण पत्र होना जरूरी है
- आवेदक व्यवसाय शुरू करने के लिए इच्छुक होना चाहिए
आवेदन की अंतिम तिथि
जो भी उम्मीदवार इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें 15 मार्च 2026 से पहले आवेदन करना होगा। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना में आवेदन कैसे करें
इस योजना में आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करें:
- सबसे पहले उद्योग विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
- वेबसाइट के Login Section में जाएं
- वहां MMUY (Mukhyamantri Muslim Udyami Yojana / Divyangjan) विकल्प पर क्लिक करें
- आधार नंबर से रजिस्ट्रेशन करें
- मांगी गई जानकारी भरकर आवेदन फॉर्म पूरा करें
- आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें
- अंत में आवेदन फॉर्म सबमिट करें
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना में आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत होगी:
- आधार कार्ड
- जन्म प्रमाण पत्र
- बिहार का निवास प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र
- दिव्यांगता प्रमाण पत्र
- पासपोर्ट साइज फोटो
योजना से मिलने वाले फायदे
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन उद्यमी योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को कई फायदे मिलते हैं।
- अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता
- लोन का 50% तक अनुदान
- व्यवसाय शुरू करने से पहले ट्रेनिंग
- आत्मनिर्भर बनने का अवसर
यह योजना उन दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बहुत उपयोगी है जो अपना खुद का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण ऐसा नहीं कर पाते।
