अगर आप राजस्थान के किसी शहरी इलाके जैसे जयपुर, अलवर, जोधपुर या उदयपुर में रहते हैं और अपने घर, प्लॉट, दुकान या फ्लैट के लिए प्रॉपर्टी आईडी बनवाना चाहते हैं, तो अब काम काफी आसान हो गया है। पहले जहां दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब यह काम नजदीकी ई-मित्र केंद्र से कुछ ही मिनटों में हो जाता है। यह सुविधा राजस्थान सरकार के नगरीय विकास तंत्र के तहत डिजिटल रूप से उपलब्ध है, जिससे समय और परेशानी दोनों बचते हैं।
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यह लेख 2026 के लेटेस्ट अपडेट के साथ लिखा गया है और इसमें वही बातें शामिल हैं जो लोग सच में जानना चाहते हैं, जैसे प्रॉपर्टी आईडी क्या होती है, क्यों जरूरी है, ई-मित्र से कैसे बनवाएं और किन बातों का ध्यान रखें।
प्रॉपर्टी आईडी क्या होती है और क्यों जरूरी है
प्रॉपर्टी आईडी एक यूनिक नंबर होता है जो शहरी क्षेत्रों की हर संपत्ति को दिया जाता है। यह आईडी UDH ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज रहती है और आपकी संपत्ति की डिजिटल पहचान बन जाती है।
आज के समय में प्रॉपर्टी आईडी के बिना कई जरूरी काम अटक जाते हैं। प्रॉपर्टी टैक्स जमा करना हो, नामांतरण कराना हो, पट्टा या लीज से जुड़ा कोई काम हो या फिर बैंक लोन लेना हो, हर जगह यही आईडी मांगी जाती है। आसान शब्दों में कहें तो यह आपकी संपत्ति का आधार कार्ड है।
ई-मित्र से प्रॉपर्टी आईडी बनवाने की पूरी प्रक्रिया
ई-मित्र केंद्र इस काम के लिए सबसे आसान और भरोसेमंद तरीका है, खासकर उनके लिए जो खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने में सहज नहीं हैं।
सबसे पहले आपको अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाना होता है। वहां ऑपरेटर को साफ शब्दों में बताएं कि आपको शहरी संपत्ति के लिए प्रॉपर्टी आईडी बनवानी है। इसके बाद वह आपसे जरूरी दस्तावेज मांगेंगे। आम तौर पर मालिक का आधार कार्ड, संपत्ति से जुड़े कागजात जैसे रजिस्ट्री या पुराना पट्टा, और पूरा पता पर्याप्त होता है।
ऑपरेटर SSO या UDH पोर्टल पर लॉगिन करके आपका फॉर्म भरता है। अगर आपकी SSO आईडी नहीं है तो वह वहीं पर बना देता है। सारी जानकारी भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद आपसे मामूली सी फीस ली जाती है। पेमेंट के तुरंत बाद आपकी रिक्वेस्ट सबमिट हो जाती है और ज्यादातर मामलों में 10 से 30 मिनट के भीतर प्रॉपर्टी आईडी जनरेट हो जाती है।
आईडी आपको प्रिंट या SMS के जरिए मिल जाती है, जिसे आप भविष्य के लिए संभालकर रख सकते हैं।
घर बैठे ऑनलाइन प्रॉपर्टी आईडी कैसे बनाएं
अगर आप खुद ऑनलाइन करना चाहते हैं तो यह विकल्प भी मौजूद है। इसके लिए आपको SSO पोर्टल पर लॉगिन करना होता है और UDH सर्विस सेक्शन में जाकर Property ID Creation का विकल्प चुनना होता है। फॉर्म भरने और दस्तावेज अपलोड करने के बाद सबमिट करने पर वेरिफिकेशन पूरा होते ही आईडी जारी कर दी जाती है।
हालांकि जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत आती है, उनके लिए ई-मित्र अब भी ज्यादा आसान और तेज तरीका माना जाता है।
ई-मित्र से प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के फायदे
ई-मित्र का सबसे बड़ा फायदा यह है कि काम पास में ही हो जाता है। आपको अलग-अलग दफ्तरों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ती। पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी रहती है, जिससे गलती या फर्जीवाड़े की संभावना कम हो जाती है।
इसके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स, नामांतरण जैसी दूसरी सेवाएं भी एक ही जगह मिल जाती हैं, जिससे समय और पैसा दोनों बचते हैं।
हमेशा अधिकृत ई-मित्र केंद्र पर ही जाएं और रसीद जरूर लें। अपनी प्रॉपर्टी आईडी को सुरक्षित रखें क्योंकि आगे चलकर यही सबसे ज्यादा काम आने वाली है। अगर आपकी संपत्ति पुरानी है तो पहले यह जरूर जांच लें कि कहीं पहले से आईडी बनी हुई तो नहीं।
किसी भी तरह की समस्या आने पर आधिकारिक हेल्पलाइन या UDH पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
