NFSA गिव-अप अभियान: खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़ा एक बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकार द्वारा चलाया गया “गिव-अप अभियान” अब समाप्त हो चुका है। इस अभियान के दौरान अपात्र लाभार्थियों से अपील की गई थी कि वे स्वेच्छा से योजना से अपना नाम हटवा लें।
अब अभियान की समय सीमा खत्म होने के बाद विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगा जो अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहे थे। ऐसे लाभार्थियों से गेहूं की कीमत की वसूली की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा योजना गिव-अप अभियान | NFSA गिव-अप अभियान
सरकार ने खाद्य सुरक्षा योजना में पारदर्शिता लाने के लिए नवंबर 2024 से “गिव-अप अभियान” शुरू किया था। इसका उद्देश्य यह था कि जो लोग योजना के पात्र नहीं हैं, वे खुद ही अपना नाम हटवा लें ताकि जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके। यह अभियान कई बार बढ़ाया गया और आखिरकार 28 फरवरी 2026 को इसकी अवधि समाप्त हो गई।
NFSA गिव-अप अभियान खत्म होने के बाद अब सरकार सख्त रुख अपनाने जा रही है।
अगर जांच में कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है और उसने योजना के तहत राशन लिया है, तो उससे ₹30.57 प्रति किलो गेहूं के हिसाब से राशि वसूली की जाएगी।
इसका मतलब है कि जितना गेहूं किसी अपात्र लाभार्थी ने लिया होगा, उसकी पूरी कीमत सरकार को वापस करनी पड़ेगी।
अब अपात्र खाद्य सुरक्षा योजना लाभार्थियों से होगी वसूली
NFSA गिव-अप अभियान समाप्त होने के बाद अब सरकार अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है। यदि जांच में कोई व्यक्ति अपात्र पाया जाता है और उसने खाद्य सुरक्षा योजना के तहत राशन लिया है, तो उससे ₹30.57 प्रति किलो गेहूं के हिसाब से राशि वसूली की जाएगी। यानी किसी अपात्र लाभार्थी ने जितना गेहूं उठाया होगा, उसकी पूरी कीमत सरकार को वापस करनी होगी।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 1 फरवरी 2024 से 26 फरवरी 2026 के बीच खाद्य सुरक्षा योजना में कई बदलाव किए गए हैं। इस अवधि में 84,574 नए नाम जोड़े गए, जबकि 1,27,286 नाम हटाए गए हैं। सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि योजना का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद लोगों तक ही पहुंचे।
इसके साथ ही योजना के लाभार्थियों के लिए ई-KYC करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। नियम के अनुसार हर लाभार्थी को 3 महीने के भीतर ई-KYC करवाना होगा। यदि कोई लाभार्थी निर्धारित समय में ई-KYC नहीं करवाता है, तो उसका नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटा दिया जाएगा।

1.73 लाख लोगों ने हटवाया अपना नाम
NFSA गिव-अप अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना से अपना नाम हटवा लिया। जिले में लगभग 1.73 लाख लाभार्थियों ने खुद आगे आकर योजना से बाहर होने का निर्णय लिया। इसके अलावा विभाग ने कई ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर नाम हटाने की सलाह भी दी, जो योजना के लिए पात्र नहीं थे। इसके बावजूद कुछ अपात्र लाभार्थी अभी भी योजना में बने हुए हैं। अब अभियान समाप्त होने के बाद ऐसे मामलों में विभाग द्वारा जांच कर कार्रवाई और वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
