राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा दिया जाने वाला डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करने के लिए शुरू किया गया है। यह पुरस्कार खासतौर पर उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिलाओं और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लंबे समय तक काम किया हो।
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यह सम्मान हर साल 14 अप्रैल (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) के अवसर पर प्रदान किया जाता है और इसका उद्देश्य समाज में समानता, शिक्षा और न्याय के मूल्यों को बढ़ावा देना है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार राजस्थान 2026
यह पुरस्कार केवल सम्मान नहीं बल्कि समाज में किए गए वास्तविक काम की पहचान है। जिन लोगों ने बिना किसी स्वार्थ के समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण या न्याय दिलाने के लिए काम किया है, उनके प्रयासों को सरकार इस मंच के माध्यम से पहचान देती है।
खास बात यह है कि इसमें केवल बड़े शहरों के लोग ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले व्यक्ति और छोटी संस्थाएं भी शामिल होती हैं।
अंबेडकर पुरस्कार राजस्थान की मुख्य श्रेणियां
राज्य और जिला स्तर पर दिए जाने वाले अंबेडकर पुरस्कार को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है, ताकि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को उचित सम्मान मिल सके। हर श्रेणी का अपना अलग उद्देश्य और महत्व है।
1.अंबेडकर सामाजिक सेवा पुरस्कार
यह इस योजना का सबसे बड़ा और प्रमुख पुरस्कार माना जाता है। राज्य स्तर पर इसमें ₹1 लाख तक की राशि दी जाती है। यह उन व्यक्तियों या संस्थाओं को मिलता है, जिन्होंने लंबे समय तक SC/ST, गरीब और वंचित वर्गों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, जागरूकता और आर्थिक सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में लगातार काम किया हो। आमतौर पर इसमें आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 40 वर्ष से अधिक होनी चाहिए, जबकि संस्था कम से कम 5 साल पुरानी और सक्रिय होनी चाहिए।
2.अंबेडकर महिला कल्याण पुरस्कार
यह श्रेणी महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण से जुड़ी है। इसके तहत राज्य स्तर पर ₹51,000 तक की राशि दी जाती है। यह पुरस्कार उन लोगों या संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता के लिए अच्छा और प्रभावी काम किया हो। इस श्रेणी का मकसद समाज में महिलाओं को आगे बढ़ाने वाले प्रयासों को प्रोत्साहित करना है।
3.अंबेडकर न्याय पुरस्कार
यह पुरस्कार मुख्य रूप से वकीलों (Advocates) के लिए रखा गया है। इसमें भी राज्य स्तर पर ₹51,000 तक की राशि मिलती है। यह उन अधिवक्ताओं को दिया जाता है, जो कम से कम 10 वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हों और गरीब तथा वंचित लोगों को न्याय दिलाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हों। खास बात यह है कि जो वकील मुफ्त (प्रो-बोनो) केस लड़कर समाज की मदद करते हैं, उन्हें इस श्रेणी में विशेष महत्व दिया जाता है।
डॉ. भीमराव अंबेडकर पुरस्कार राजस्थान की पात्रता
- आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए
- संस्था राजस्थान में पंजीकृत (Registered) होनी चाहिए
- कार्य कई वर्षों से लगातार किया गया हो
- चरित्र प्रमाण-पत्र अनिवार्य होता है
- पहले पुरस्कार प्राप्त कर चुके व्यक्ति/संस्था आमतौर पर दोबारा आवेदन नहीं कर सकते
- जिला स्तर के लिए आवेदक उसी जिले का निवासी होना चाहिए
जरूरी दस्तावेज
- भरा हुआ आवेदन फॉर्म
- कार्य का प्रमाण (फोटो, रिपोर्ट, समाचार)
- आधार कार्ड / पहचान पत्र
- निवास प्रमाण
- चरित्र प्रमाण-पत्र
- संस्था के लिए पंजीकरण प्रमाण-पत्र
आवेदन प्रक्रिया
अंबेडकर पुरस्कार के लिए आवेदन करना ज्यादा मुश्किल नहीं है, बस सही तरीके से फॉर्म भरना और जरूरी दस्तावेज लगाना जरूरी होता है। सबसे पहले आपको आवेदन फॉर्म लेना होगा, जो आप सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.sje.rajasthan.gov.in से डाउनलोड कर सकते हैं या फिर अपने जिले के सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय से भी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके बाद फॉर्म को ध्यान से भरें और अपने काम से जुड़े सभी जरूरी प्रमाण साथ में लगाएं। इसमें आपके कार्यों का पूरा विवरण, फोटो, समाचार कटिंग, प्रमाण-पत्र और अन्य उपलब्ध उपलब्धियां शामिल होनी चाहिए, ताकि आपके योगदान को सही तरीके से दिखाया जा सके।
जब फॉर्म पूरी तरह तैयार हो जाए, तो उसे जमा करना होता है। अगर आप राज्य स्तर के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो फॉर्म जयपुर स्थित निदेशालय में जमा करना होगा, जबकि जिला स्तर के लिए आवेदन अपने संबंधित जिले के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता कार्यालय में जमा किया जाता है।
